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Showing posts from 2016

काश फिर से हम बच्चे बन जाते

मम्मी पापा से पैसे ले जाते,
दुकान से लेकर टॉफी खाते;
पड़ोस वाली आंटी को खूब सताते,
काश फिर से हम बच्चे बन जाते।

वो वारिस के पानी में नाव चलाते,
कभी पेड़ो पर चढ़ते तो कभी साइकिल चलाते;
कभी पतंग उड़ाते तो कभी गिल्ली उड़ाते,
काश फिर से हम बच्चे बन जाते।

होम वर्क न करने का बहाना बनाते,
लंच ना खा कर समोसे खाते;
क्लास में टीचर को खूब सताते,
काश फिर से हम बच्चे बन जाते।

पोगो पर डोनाल्ड डक खूब चलाते,
टॉम एंड जैरी को खूब लड़ाते;
शक्तिमान के बिना रह नहीं पाते,
काश फिर से हम बच्चे बन जाते।

पार्क में फूलों से तितलियाँ उड़ाते,
शाम को भागकर जुगुनू जुटाते;
बिना बात के मुँह फुलाते,
काश फिर से हम बच्चे बन जाते।


माँ तुम्हारी फिर से मुझको याद आई

मन में है बहती हुई यादें रुकी,
पास सब कुछ है मगर बस इक कमी;
दिल के कोने से है इक आवाज आई,
माँ तुम्हारी फिर से मुझको याद आई।

चाहता है दिल मेरा की कुछ न बोलूँ,
गोद में रख सर कुछ देर और सोलूँ;
अब जिंदगी भर है काम की रत-जगाई,
माँ तुम्हारी फिर से मुझको याद आई...

दिन भर दौड़ा किया शांति खोता रहा,
नींद मेरी छीन गई रात भर रोता रहा;
चैन पाया याद करके लोरी जो तुमने सुनाई,
माँ तुम्हारी फिर से मुझको याद आई...

प्यार से रखा जो सर पे आँचल तुम्हारा,
मैं तभी से युद्ध कोई भी ना हारा;
अब जिंदगी के युद्ध मे मेरी लड़ाई,
माँ तुम्हारी फिर से मुझको याद आई...


तेरा चेहरा याद आता है...

आँखों को नींद, ना दिल को करार आता है;
जब कुछ सोचूं तो बस, तेरा चेहरा याद आता है...

दिन को सुकूं, रातों को न चैन आता है;
आँखें बंद करूं तो बस, तेरा चेहरा याद आता है...

कोई पूछता है दिल से आलम, ये बस इतना बतलात है;
जब धड़कता है तो बस, तेरा चेहरा याद आता है...

जब भी यादों में जाता हूँ, इक भीड़ सी घिर आती है;
उसमें केवल मुझको तो बस, तेरा चेहरा याद आता है...

दिल जब भी झूम के गाता है, वो गाना थम सा जाता है;
उस पल में मुझको तो बस, तेरा चेहरा याद आता है...

लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

जब भी खाली होता हूँ, इक आह सुनाई देती है,
लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

दिल सोचता है सोच कर, इक सूनापन सा पाता है;
उस पगली लड़की की इसको, जब इक याद दिखाई देती है।
लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

खोजता है ये उसको, जो बीत गए उन सावन में;
मायूसी छाती है इसको, जब आँखों की बरसात दिखाई देती है ।
लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

ये दिल न चाहते डूब जाता है उसके ख़यालो में;
क्या करे ये बेचारा, उसकी जो झलक दिखाई देती
लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

वो पगली लड़की क्या जाने, कितनी उसकी चाहत है;
सायद वो कल को आएगी, इक आस दिखाई देती है।
लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

जब भी खाली होता हूँ, इक आह सुनाई देती है,
लगता है इस टूटे दिल की आवाज सुनाई देती है...

जो इश्क़ अभी तक किये नहीं

कुछ ज़ख्म अभी तक ताज़ा है,
कुछ घाव अभी तक भरे नहीं;
वो क्या समझेंगे दर्द इश्क़ का,
जो इश्क़ अभी तक किये नहीं।

वो कहते हैं क्या चीज़ इश्क़ है,
ये प्यार बला क्या होती है;
ज़रा हमको भी बतलाओ भैया,
ये इश्क़ चीज़ क्या होती है।

जब बिस्तर पे हों सोने को,
आँखों में नींद ना आती हो;
एक चेहरा होता है आँखों में,
ये इश्क़ चीज़ कुछ ऐसी है।

कुछ कहने को तुमसे ये दिल चाहता है, ये दिल चाहता है

कुछ कहने को तुमसे ये दिल चाहता है, ये दिल चाहता है
जो ना है कहा अभी तक किसी को, वो कहना तुम्हे आज कल चाहता है, तुम्हे चाहता है
कुछ कहने को तुमसे ये दिल चाहता है...

जब से है देखा तेरे चहरे को, इस दिल के घर में बसाया तुम्हे है,
दीवानों के जैसा ही चाहा तुम्हे है,
ये साँसों से ज़्यादा तुम्हे चाहता है, ये बस चाहता है...

कुछ कहने को तुमसे ये दिल चाहता है, ये दिल चाहता है
जो ना है कहा अभी तक किसी को, वो कहना तुम्हे आज कल चाहता है, तुम्हे चाहता है
कुछ कहने को तुमसे ये दिल चाहता है...


cont.....

अभी अभी अहसास हुआ, दिल को क्या सच में प्यार हुआ ?

अभी अभी अहसास हुआ, दिल को क्या सच में प्यार हुआ ?
एक चेहरा रहता यादों में, बातों में जजवतों में, वो रहती मेरी साँसों में, मेरी धड़कन के अहसासों में, लगता कुछ पहली बार हुआ, दिल को क्या सच में प्यार  हुआ ? अभी अभी अहसास हुआ......
खो गया हूँ उसके ख्यालों में, अब नींद नहीं है आँखों में, याद उसे करता हुँ दिन भर, जगता हुँ मैं रातों में, दिल को ऐसा आभास हुआ, दिल को क्या सच में प्यार  हुआ ? अभी अभी अहसास हुआ......
आरजू है सपनों की, बैठू में उसकी वाहों में, चाहे मुझको भी वो अब, हो इतना असर मेरी यादों में, ऐसा कुछ मेरे यार हुआ, दिल को क्या सच में प्यार  हुआ ? अभी अभी अहसास हुआ......
सच है या तू सपना कोई, क्यों लगता है अपना कोई, उलझन ये सुलझाये कोई, अपना भी बन जाये कोई, ऐसा दिल को आगाज़ हुआ, दिल को क्या सच में प्यार  हुआ ? अभी अभी अहसास हुआ......