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Showing posts from December, 2017

एक लड़की बड़ा सताती है...

मेरे खवाबों में आकर के, वो मेरी नींद चुराती है |
रोज रात को इसी तराह, एक लड़की बड़ा सताती है ||

बिखरी बिखरी जुल्फें उसकी शायद वो घटा बुलाती है,
उसके पलकों के काजल से इक बारिश सी हो जाती है |
वो दूर खड़ी हो खिड़की पर मुझे देख देख मुस्काती है,
रोज रात को इसी तराह, एक लड़की बड़ा सताती है ||

मोती जैसी आंखें उसकी भोली भाली सी सूरत है,
रात की चांदनी में मुझको वो जब देख देख शर्माती है |
उसकी ये हालत देख देख मेरी धड़कन बढ़ सी जाती है,
रोज रात को इसी तराह, एक लड़की बड़ा सताती है ||

उसकी पायल की छम छम से एक मदहोशी छा जाती है,
ज्यों ही मैं आंखें बंद करू वो मेरे सामने आ जाती है |
उसके आने की आहट से मेरी आंखें खुल सी जाती है,
रोज रात को इसी तराह, एक लड़की बड़ा सताती है ||

ज्यों ही आँख खुले मेरी वो ख़्वाब सी बन जाती है |
सच बतलाऊं तो यारो, एक लड़की मुझे सताती है ||