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Showing posts from June, 2018

तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं |

तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं |
प्यार भरे दिल के पन्नों से कोई पैगाम लिख डालूं ||

प्यार से मुझको देखकर यूँ मुस्कुरा जाना,
निगाहें मिलने पर पलकें झुका जाना,
झुकी हुई नज़रों का सारा अंदाज लिख डालूं |
तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं।| ......... (१)

धड़कते दिल को इक दिन तेरे खत का मिल जाना,
शायरों की महफ़िल में नये शायर का आ जाना,
दिल से आज की ग़ज़ल को तेरे नाम लिख डालूं |
तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं।| ......... (२)

तमन्ना थी हर सुबाह में दीदार के तेरी,
तुझे पाने से पहले थी अधूरी हर तमन्ना मेरी,
हर तमन्ना में जीने की तू ही बजाह लिख डालूं |
तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं।| ......... (३)

उठते है हाथ बहुत दुआओँ के लिए तेरी,
ऐ खुदा छोटी सी दुआ भी है इक मेरी,
दुआ में तुझको अपना सबसे ख़ास लिख डालूं |
तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं।| ......... (४)

तड़प कर बरसों जीने का कोई अहसास लिख डालूं |
प्यार भरे दिल के पन्नों से कोई पैगाम लिख डालूं ||